चक्रवात दित्वा गुजरात से कब टकराएगा?

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भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका के पूर्वी तट के पास एक गहरे डिप्रेशन के तौर पर शुरू हुआ बहुत खतरनाक और तेज़ साइक्लोनिक तूफ़ान दित्वाह, भारी तबाही मचाने के बाद अब भारतीय तट की ओर बढ़ गया है।

साइक्लोनिक तूफ़ान ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई

हिंद महासागर में बना यह सिस्टम और तेज़ हो गया और गुरुवार को एक गंभीर साइक्लोन का रूप ले लिया। इस साइक्लोन का नाम यमन ने रखा है। जो एक रीजनल ट्रीटी के तहत साइक्लोन का नाम रखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। दित्वाह के कहर ने श्रीलंका में भारी तबाही के मंज़र खड़े कर दिए हैं। भारी बारिश और तेज़ हवाओं की वजह से अब तक 56 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 14 लोग घायल हुए हैं और 21 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से आम ज़िंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है। सड़कों पर पेड़ गिरने, बिजली के खंभे गिरने और निचले इलाकों में पानी भरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। श्रीलंका सरकार ने कहा है कि इस दौरान कुल 43,991 लोग प्रभावित हुए हैं। कैंडी और मटाले ज़िलों में 40 cm से ज़्यादा बारिश हुई। जबकि कमाथुवा इलाके में रिकॉर्ड 57.8 cm बारिश हुई। 8 cm बारिश की वजह से कुछ इलाकों में लैंडस्लाइड की घटनाएं भी हुईं।

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साइक्लोन भारत की ओर बढ़ रहा है

श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद यह साइक्लोन अब भारत की ओर बढ़ रहा है। इंडिया मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, दितवा साइक्लोन पिछले 6 घंटों में 10 km प्रति घंटे की स्पीड से उत्तर और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को कहा कि यह साइक्लोन तमिलनाडु के उत्तरी इलाके, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। भारत के इस हिस्से से टकराएगा दितवाह साइक्लोन

मौसम विभाग के मुताबिक, यह साइक्लोन श्रीलंका और बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों से होते हुए उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ता रहेगा और 30 नवंबर की सुबह तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराएगा। इसकी वजह से तमिलनाडु के उत्तरी हिस्सों, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के लिए रेड अलर्ट समेत चेतावनी जारी की गई है, जिसमें मछुआरों को समुद्र में न जाने की साफ हिदायत दी गई है और तटीय इलाकों के लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है। साइक्लोन की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 80 से 100 km प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इसके अलावा, तट के निचले इलाकों में स्टोर सर्च होने की भी संभावना है, जिससे तटीय इलाकों में बड़ा नुकसान हो सकता है।

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ओडिशा और पश्चिम बंगाल में दितवाह का असर?

साइक्लोन का मुख्य असर दक्षिण भारत में रहने की संभावना है। तो, 30 नवंबर के बाद इस साइक्लोन के और मुड़ने और ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों की ओर बढ़ने के चांस भी कम दिख रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने इसके असर से महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।

गुजरात में साइक्लोन का असर?

खुशी की बात यह है कि साइक्लोन नितवा के कारण गुजरात में आगे कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि, एक पेरिफेरल सिस्टम का असर गुजरात के मौसम पर देखा जा रहा है। फिलहाल, राजस्थान के ऊपर एक छोटा साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जिसके कारण नॉर्थ गुजरात, कच्छ और सौराष्ट्र के एक-दो इलाकों में बादल देखने को मिलेंगे। इस सिस्टम के कारण शुक्रवार और शनिवार को नॉर्थ गुजरात के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि गुजरात में किसी बड़े नुकसान या तेज हवाओं की संभावना नहीं है, लेकिन इस सिस्टम के कारण मौसम में थोड़ा बदलाव और तापमान में थोड़ी कमी आने की संभावना है।

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